मंगलवार को हरिद्वार में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डा. रविंद्रपुरी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में निर्णय लिया गया कि कांवड़ मेले के बाद श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा को मुक्त कराने के लिए संत समाज द्वारा एकजुट होकर अभियान चलाएगा।
बैठक श्री चित्रगुप्त पीठ वृंदावन-मथुरा के पीठाधीश्वर डा. स्वामी सच्चिदानंद सहित हरिद्वार के कुछ संतों और धार्मिक संगठनों ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर व्यापक जनसमर्थन जुटाने और आंदोलन में सहभागिता की बात कही है।यह घटनाक्रम मथुरा में कुछ संतों द्वारा किए गए कार सेवा के आह्वान और जन्मभूमि आंदोलन को तेज करने की घोषणा के बाद सामने आया है।
आंदोलन से जुड़े संतों का कहना है कि जन्माष्टमी और अन्य धार्मिक अवसरों पर आगे की रणनीति घोषित की जा सकती है।दूसरी ओर, इस मुद्दे पर सभी हिंदू संगठन एक मत नहीं हैं। विश्व हिंदू परिषद ने कार सेवा के आह्वान से दूरी बनाते हुए कहा है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि–शाही ईदगाह से संबंधित विवाद विभिन्न न्यायालयों में लंबित है। ऐसे में आंदोलन संबंधी घोषणाएं विभिन्न धार्मिक संगठनों के विचार हैं, जबकि अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही होगा। हरिद्वार के धार्मिक संगठनों की घोषणा के उपरांत प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
