एमबीबीएस दाखिले के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कोटे के कथित फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच के दौरान स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने राज्य में फर्जी आधार कार्ड और प्रमाणपत्रों को लेकर एक बेहद गंभीर खुलासा किया है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा है कि देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में एक ही व्यक्ति के 4-5 आधार कार्ड अलग-अलग पतों पर जारी होने की बात सामने आई है,जो एक गंभीर मामला बताया है।\
देहरादून में एमबीबीएस दाखिले के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे के प्रमाणपत्रों में हुए फर्जीवाड़े के प्रकरण पर कैबिनेट मंत्री ने आधार कार्ड की प्रामाणिकता और सुरक्षा प्रणाली पर बड़े सवाल उठाए हैं। मंत्री के मुताबिक, राज्य के तीन प्रमुख जिलों में एक बड़ा संगठित गैंग सक्रिय है, जो इस तरह के फर्जी पहचान पत्र और सर्टिफिकेट बनाने के अवैध खेल को अंजाम दे रहा है। इस खुलासे के बाद उत्तराखंड में फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी योजनाओं और शैक्षणिक संस्थानों में दाखिला लेने वाले सिंडिकेट के खिलाफ सख्ती बरतने की मांग तेज हो गई है।
अब सवाल यह है कि अगर ऐसे मामले सामने आए हैं तो एक ही व्यक्ति के अलग-अलग पते पर आधार कैसे बने और इसके लिए जिम्मेदार कौन है? फिलहाल मंत्री के बयान में सामने आए इस दावे की विस्तृत जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है।
