उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision )के अन्तर्गत मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशित कर दिया गया है। मतदाता सूची पुनरीक्षण उपरांत जारी ड्राफ्ट सूची में शामिल 71.33 लाख मतदाताओं में से करीब 19 लाख मतदाताओं के प्रपत्रों या विवरण में किसी न किसी तरह की विसंगतियां पाई गई हैं।
ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद अब दूसरा चरण शुरू हो गया है।विसंगति वाले सभी मामलों में संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी नोटिस जारी करेंगे।
जिन मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है या जिनके विवरण में त्रुटि है, वे निर्धारित अवधि में दावे और आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते हैं। नए मतदाता फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक बूथ लेवल अधिकारी को 100-100 फार्म-6 उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके जरिए नए मतदाता अपना नाम जुड़वा सकेंगे। दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
यदि आपका नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है या किसी प्रकार की त्रुटि है, तो 13 अगस्त 2026 तक दावा या आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। नए मतदाता भी इस अवधि में फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं ऑनलाइन दावा या आपत्ति दर्ज करने के लिए आप निर्वाचन आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। यदि SIR के दौरान आपको निर्वाचन अधिकारी की ओर से कोई नोटिस मिला है, तो उसी पोर्टल पर “Submit Document Against Notice Issued” विकल्प से आवश्यक दस्तावेज़ भी अपलोड किए जा सकते हैं। निर्वाचन आयोग ने इस बार बड़े पैमाने पर सामूहिक आपत्तियों को रोकने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब एक व्यक्ति फार्म-7 के जरिए अधिकतम पांच मतदाताओं के नाम हटाने की ही आपत्ति दर्ज करा सकेगा। यदि कोई व्यक्ति पांच से अधिक नामों पर आपत्ति देता है तो ऐसे मामलों की व्यक्तिगत जांच कराई जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने आज राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें ड्राफ्ट मतदाता सूची की डिजिटल कॉपी सौंपी और राजनीतिक दलों से नोटिस फेज में बूथ लेवल एजेंट को सक्रिय रखने की अपील की गयी ।
