
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव खतरनाक स्तर पर बढ़ गया है, जिससे मक्का और अन्य क्षेत्रों में सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए हैं। हूती गुटों द्वारा सऊदी अरब के तेल और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद लाल सागर और बाब अल-मंदेव जलडमरूमध्य में सामरिक तनाव गहरा गया है।
हूती संगठन ‘अंसार अल्लाह’ के एक प्रवक्ता ने बुधवार को सोशल मीडिया पर कहा, “यमनी सशस्त्र बलों ने अल्लाह की मदद और उसके आदेश से सऊदी अरब के एक एफ़-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया. यह विमान मारिब प्रांत के आसमान में अपने सैन्य अभियान के समर्थन में हमले कर रहा था. इसे स्थानीय स्तर पर बनाए गए हवा से हवा में मार करने वाले मिसाइल से निशाना बनाया गया.प्रवक्ता ने सऊदी अरब पर 450 हवाई हमले करने का का भी दावा किया हैं।
सऊदी अरब के मक्का, जेद्दा और दक्षिणी शहरों में हूती ड्रोन और मिसाइल हमलों के खतरे को देखते हुए आपातकालीन सायरन व सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए हैं।
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने एक्स पर जारी एक बयान में कहा, “सऊदी रॉयल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ ने एक दुश्मन ड्रोन को रोका और नष्ट कर दिया. इस ड्रोन को हूती आतंकवादी मिलिशिया ने लॉन्च किया था. इसे मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाख़िल होने से पहले ही रोक दिया गया.”उन्होंने कहा, “यह मक्का को निशाना बनाने की दूसरी शत्रुतापूर्ण और आतंकवादी कोशिश है। इससे पहले जुलाई 2017 में बैलिस्टिक मिसाइल दागकर मक्का को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी.”उन्होंने अपने बयान में कहा कि “इसे सिर्फ़ शर्मनाक हरकत और पवित्र काबा के मेहमानों को डराने और नागरिकों व यहां रहने वाले लोगों को नुक़सान पहुंचाने की कोशिश ही कहा जा सकता है.”सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने कहा कि उसने हूती विद्रोहियों के एक ड्रोन को मार गिराया है।
मक्का के पास हुए ड्रोन हमले को लेकर भारत सरकार ने चिंता ज़ाहिर करते हुए बयान जारी किया है.विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि “मक्का के पास हुई यह घटना विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि दुनिया भर के मुसलमानों के लिए इस शहर का विशेष महत्व है. हमें उम्मीद है कि क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होगी.” इस ड्रोन हमले को लेकर पाकिस्तान समेत कई मुस्लिम देशों ने चिंता जताई और इसकी निंदा की है.
