उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग ने देहरादून में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 08 किलोमीटर लंबी 40 सड़कों के रखरखाव और मरम्मत का जिम्मा छत्तीसगढ़ की कंपनी आरकेटीसी इंफ्राटेक (रायपुर) को सौंपा है। इन कार्यों की निगरानी (सुपरविजन) का जिम्मा पंजाब की एक कंपनी को दिया गया है।
इस परियोजना में दून-मसूरी, राजपुर से कुठालगेट, दून-रायपुर मार्ग (एस्लेहॉल से सहस्रधारा क्रॉसिंग), हरिद्वार रोड (आराघर चौक से अग्रवाल बेकर्स तक), सहस्रधारा मार्ग (किरसाली चौक से सहस्रधारा तक), हरबर्टपुर-आसन बैराज मार्ग (किशननगर चौक से बल्लूपुर), बल्लूपुर से गढ़ी कैंट तक, किशननगर से एफआरआई बैक गेट, धोरण आईटी पार्क मार्ग, राजपुर-सहस्रधारा मार्ग, लैंसडौन मार्ग, कॉन्वेंट मार्ग, ग्लोब चौक से सुभाष रोड, न्यू रोड, पटेल मार्ग, रेसकोर्स मार्ग, क्रॉस रोड, कचहरी मार्ग, माजरा-भुड्डी से शेखूवाला-धर्मावाला मार्ग, कांवली रोड से पंडितवाड़ी से सीमाद्वार, शिमला बाईपास से ट्रांसपोर्टनगर, निरंजनपुर मोड़ से शिमला बाईपास, टर्नर मार्ग (झील तक), हरिद्वार बाईपास से दून विवि होते हुए मोथरोवाला, वृक्ष मानव विश्वेश्वर दत्त सकलानी मार्ग, धर्मपुर-मोथरोवाला मार्ग (धर्मपुर चौक से महिंद्रा शोरूम तक), भानियावाला-थानो से रायपुर नत्थनपुर-जोगीवाला पुलिया तक (किद्दूवाला से नेहरूग्राम चौक), रायपुर से नथुवावाला-बालावाला मार्ग, दून-रायपुर, अग्रवाल बेकर्स से गुरु तेग बहादुर मार्ग होते हुए चंचल स्वीट शॉप तक, हरिद्वार मार्ग लक्ष्मी रोड जंक्शन, नेहरू कॉलोनी के आंतरिक मार्ग, धर्मपुर से माता मंदिर मार्ग, रायपुर से खैरी मानसिंह होते हुए लोहे के पुल तक बाईपास, किरसाली चौक से अस्थल से होते हुए मालदेवता तक का मार्ग शामिल है।
• इन दोनों कंपनियों को कुल मिलाकर लगभग 95 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा।
• योजना का मुख्य उद्देश्य देहरादून की सड़कों को हर मौसम में गड्ढामुक्त रखना है।
• अधिकारियों के अनुसार, दोनों कंपनियां अगले 15 दिनों के भीतर दून में अपना काम शुरू कर देंगी। यदि काम में कोई देरी होती है, तो कंपनी पर पेनल्टी भी लगाई जाएगी।
• यदि देहरादून में यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो इसी तर्ज पर राज्य के अन्य शहरों में भी सड़कों के रखरखाव का काम किया जाएगा।
