रूद्रपुर में ईद मिलादुन्नबी के मौके पर त्रिशूल चौक पर आयोजित एक कार्यक्रम में के दौरान मदरसों की कार्रवाई को लेकर एक मौलाना ने विवादित बयान दिया था कि अगर मदरसे बंद किए गए, तो मुसलमान ऐसा हाल करेंगे कि भागने का मौका नहीं मिलेगा।विवादित तकरीर का वीडियो भी सामने आया है,जिसमें मौलाना मदरसों को लेकर राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए सुनाई दे रहे हैं मौलाना ने कथित तौर पर कहा कि अगर मदरसों को छेड़ा गया तो मुसलमान क्या हाल करेंगे, इस पर विचार करना होगा मौलाना जब ये विवादित बयान दे रहे थे तो सामने हजारों की संख्या में लोग बैठे थे.जुलूस में लोग अल्लाहु अकबर के नारे लगा रहे थे… पुलिस ने वीडियो फुटेज और वायरल क्लिप के आधार पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान मौलाना फकर सुअरुद्दीन द्वारा दिए गए कथित विवादास्पद भाषण को लेकर प्रतिकूल प्रतिक्रियाएँ प्रचलित है।रूद्रपुर के मेयर विकास शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि मौलाना विवादित तकरीर कर लोगों को भड़का रहे,सरकार की ओर से एक्शन सिर्फ अवैध मदरसों पर लिया गया है, वैध मदरसों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।रुद्रपुर के विधायक शिव अरोड़ा ने कड़ा बयान देते हुए कहा है कि यह धामी सरकार है, अवैध मदरसों और अतिक्रमण पर कार्रवाई जारी रहेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खटीमा हेलीपैड पर मीडिया से बातचीत करते हुए इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि देवभूमि में कानून व्यवस्था बिगाड़ने और धमकी देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का भाषण नहीं है, बल्कि एक ऐसी मानसिकता और विचारधारा का प्रतीक है जो अतिक्रमण करती है और देश के संविधान को नहीं मानती।
मौलाना फकर सुअरुद्दीन द्वारा दिए गए कथित विवादास्पद भाषण पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद राज्य में राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी तेज हो गई है.
