उत्तराखण्ड में स्वाइन फ्लू A(H1N1), जिसे पीडीएम09 इन्फ्लूएंजा वायरस भी कहा जाता है के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अगस्त 2026 में अब तक 49 लोगों में H1N1 संक्रमण की पुष्टि होने और पांच संक्रमित मरीजों की मौत की सूचना के बाद अस्पतालों को सतर्क कर दिया गया है। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार संक्रमण का सबसे अधिक असर देहरादून में दिखाई दे रहा है।
25 अगस्त तक सामने आई रिपोर्टों में प्रदेश में अगस्त के दौरान 31 संक्रमित मरीजों की जानकारी थी। अगले ही दिन देहरादून में नौ नए मामलों की रिपोर्ट के बाद संख्या बढ़कर 49 हो गई। इससे संक्रमण की रफ्तार पर विशेष निगरानी की आवश्यकता सामने आती है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 49 मामलों में 34 मरीज देहरादून जिले के बताए गए हैं, जबकि अन्य मरीज दूसरे जिलों से उपचार के लिए देहरादून पहुंचे हैं। पांच मौतों की सूचना भी मिली है। रिपोर्टों के अनुसार मृतकों में पहले से गंभीर बीमारियों यानी co-morbidities की मौजूदगी थी।
बढ़ते मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को अस्पतालों में तैयारियां मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में स्क्रीनिंग बढ़ाने, संदिग्ध मरीजों की जांच कराने और आवश्यक उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। सभी जिलों में Rapid Response Teams सक्रिय की गई हैं। किसी क्षेत्र में चार से अधिक मामले सामने आने पर टीम को वहां जाकर स्क्रीनिंग और स्थिति का आकलन करने के निर्देश हैं। स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी के अनुसार चिकित्सा संस्थानों को पर्याप्त मात्रा में इंफ्लुएंजा टेस्टिंग किट, PPE, मास्क, VTM वायल, ओसेल्टामिविर और आवश्यक जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। गंभीर मरीजों के लिए ऑक्सीजन, आईसीयू और वेंटिलेटर जैसी सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा भी महत्वपूर्ण है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 25 अगस्त को स्पष्ट किया कि देश में वर्तमान में फैल रहे H1N1 वायरस में किसी नए या असामान्य खतरनाक स्ट्रेन के उभरने के प्रमाण नहीं मिले हैं। ICMR-DHR की 73 Virus Research and Diagnostic Laboratories की निगरानी में सामने आए वायरस मौसमी इंफ्लुएंजा के अपेक्षित पैटर्न के अनुरूप हैं।इसलिए उत्तराखण्ड में बढ़ते मामलों को फिलहाल किसी नए महामारीजनक वायरस के रूप में देखना उचित नहीं होगा। स्थानीय स्तर पर संक्रमण और गंभीर मामलों की संख्या बढ़ना स्वास्थ्य तंत्र के लिए गंभीर निगरानी का विषय जरूर है।
