कोतवाली पिथौरागढ़ में दर्ज साइबर धोखाधड़ी की जांच के दौरान एक संदिग्ध बैंक खाता सामने आया है, जो देशभर के कई साइबर अपराध मामलों से जुड़ा पाया गया है। भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के पोर्टल पर साइबर अपराध से जुड़े संदिग्ध बैंक खातों के विश्लेषण के दौरान उक्त संदिग्ध बैंक खाता मिला। प्रारंभिक जांच में यह बैंक खाता देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज 99 साइबर ठगी के मामलों से जुड़ा पाया गया है, शुरुआती रिपोर्टों में 94 शिकायतों का उल्लेख था।मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर गहन विवेचना प्रचलित है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह बैंक खाता स्वाति ग्रामोद्योग संस्थान धारचूला रोड, कैलाशपुरी, पिथौरागढ़ के नाम पर प्रचलित , पर पुलिस को आशंका है कि साइबर अपराधियों ने इस खाते का इस्तेमाल ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में म्यूल अकाउंट के रूप में किया गया हैं ।ऐसे खातों का उपयोग साइबर ठग धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को इधर-उधर स्थानांतरित करने और असली अपराधियों की पहचान छिपाने के लिए करते हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्वाति ग्रामोद्योग संस्थान नाम से एक गैर-सरकारी संगठन उक्त पते पर पंजीकृत है,जो पहाड़ी ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास और महिलाओं व कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करता है।सीमान्त जनपद में संदिग्ध अकाउंट के मिलने के कारण पुलिस और एजेंसी सभी एंगल पर कार्य कर रही हैं।
