उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अभियोजन निदेशक के पद पर एक पुलिस अधिकारी की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने सरकार से पूछा है कि इस पद पर नियुक्ति के लिए कौन-सी नियमावली लागू है और क्या इस संबंध में कोई स्पष्ट नियम बनाए गए हैं।
यह याचिका केशर सिंह चौहान की ओर से दायर की गई है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने की। याचिका में पुलिस अधिकारी की अभियोजन निदेशक पद पर नियुक्ति को चुनौती दी गई है।
याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि पूर्व में कोर्ट ने इस पर राज्य सरकार से स्थिति से अवगत कराने को कहा था लेकिन अभी तक राज्य सरकार की ओर से कोई जवाब नही आया।याचिकाकर्ता द्वारा अभियोजन निदेशक के पद पर हुई पुलिस अधिकारी की नियुक्ति को चुनौती देते हुए कहा था कि राज्य को बने 26 साल होने को हैं। लेकिन अभी तक अभियोजन निदेशक के पद पर पुलिस अधिकारियों की ही नियुक्ति होती आई है, जो कि भारतीय न्याय सहिंता की धारा 20 का उल्लंघन है. मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार को निर्धारित समय के भीतर अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई सरकार के जवाब के बाद होगी।
