
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा आज 12 अगस्त को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में भारत की खुदरा महंगाई दर (CPI) बढ़कर 4.45% हो गई है, जो जून में 4.38% थी।खाद्य पदार्थों और सब्जियों की ऊंची कीमतों के कारण यह लगातार दूसरा महीना है जब महंगाई दर रिजर्व बैंक के 4% के लक्ष्य से ऊपर रही है।खाद्य और पेय पदार्थो की महंगाई भी 5.05% से बढ़कर 5.24% हो गई हैं ।
रिटेल महंगाई के आंकड़े के अनुसार रिटेल महंगाई में विगत सात माह से लगातार वृद्धि परिलक्षित है। आरबीआई ने इस महीने की शुरुआत में महंगाई संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर लगातार चौथी बार स्थिर रखा था।यह दर अभी भी आरबीआई के सहनशीलता दायरे (2% से 6%) के भीतर है।
मुख्य बातें और आंकड़े खाद्य खुदरा महंगाई (CFPI): जुलाई में यह बढ़कर 5.52% हो गई, जो जून में 5.32% थी। ग्रामीण और शहरी महंगाई: ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा महंगाई 4.84% और शहरी क्षेत्रों में 3.96% दर्ज की गई। महंगी वस्तुएं: अदरक, लहसुन, प्याज और चांदी-सोने के आभूषणों की कीमतों में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई है।
