गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारत सरकार की निधि से सड़क निर्माण एवं सुरक्षा कार्यों के लिए उपलब्ध कराए गए सरकारी सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री के कथित दुरुपयोग व अवैध बिक्री का मामला सामने आया है। इस संबंध में सीमा सड़क संगठन के महानिदेशक को शिकायत भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उत्तरकाशी जनपद के गंगनानी एवं आसपास के क्षेत्र में बीआरओ द्वारा सरकारी धन से खरीदे गए सीमेंट तथा अन्य निर्माण सामग्री को कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से स्थानीय निजी व्यक्तियों, ठेकेदारों एवं निजी संस्थानों को अवैध तरीके से बेचा जा रहा है। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि इस संबंध में वीडियो और फोटो उसके पास उपलब्ध हैं।
आपदा की दृष्टि से संवेदनशील है क्षेत्र
शिकायत के अनुसार गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग तथा इसके आसपास का क्षेत्र भूगर्भीय दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील है और जोन-5 में आता है। यहां प्रत्येक वर्ष सड़क दुर्घटनाओं के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में सड़क एवं सुरक्षा कार्यों में इस्तेमाल होने वाली निर्माण सामग्री के कथित दुरुपयोग को गंभीर मामला बताया गया है।
शिकायत में कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण, सुधारीकरण एवं सुरक्षा कार्यों के लिए करोड़ों रुपये का बजट तथा निर्माण सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में सरकारी सामग्री के कथित रूप से निजी उपयोग में जाने से न केवल सरकारी धन को नुकसान पहुंचने की आशंका है, बल्कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
सुरक्षा दीवार के निर्माण में मानकों की अनदेखी का आरोप
शिकायतकर्ता ने गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोनगढ़ क्षेत्र में भागीरथी नदी के तट पर बनाई जा रही सुरक्षा दीवार के निर्माण को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि निर्धारित मानकों के अनुरूप कंक्रीट की भरान करने के बजाय कथित तौर पर सीमेंट बचाने के उद्देश्य से निर्माण में लगभग 80 प्रतिशत पत्थर एवं 20 प्रतिशत कंक्रीट का इस्तेमाल किया जा रहा है।शिकायतकर्ता के अनुसार इस संबंध में मौके पर शूट किया गया वीडियो भी उपलब्ध है, जिसे शिकायत के साथ संबंधित अधिकारियों को भेजे जाने की बात कही गई है।
वीडियो-फोटो के आधार पर विशेष जांच टीम बनाने की मांग
शिकायत में कहा गया है कि सरकारी सीमेंट एवं अन्य निर्माण सामग्री को कथित रूप से निजी लोगों तक पहुंचाने और बेचने से संबंधित वीडियो व फोटो उपलब्ध हैं। शिकायतकर्ता ने इन साक्ष्यों के आधार पर मामले की विशेष जांच टीम गठित कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी आरोपों की वास्तविकता
शिकायत में बीआरओ के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता के दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सरकारी निर्माण सामग्री के कथित दुरुपयोग अथवा अवैध बिक्री में किसी अधिकारी, कर्मचारी, ठेकेदार या अन्य व्यक्ति की भूमिका रही है या नहीं।
शिकायतकर्ता ने जनहित में मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विशेष जांच कराए जाने तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
