नीट 2026 परीक्षा रद्द होने की खबर से देहरादून सहित पूरे उत्तराखंड के छात्रों में भारी निराशा और आक्रोश है। पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में धांधली के आरोपों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच के फैसले ने लाखों मेहनती छात्रों के सपनों पर पानी फेर दिया है।पेपर लीक जांच में देहरादून का कनेक्शन सामने आया है, जहाँ से पेपर लीक मामले के कथित मास्टरमाइंड और अन्य संदिग्धों को राजस्थान पुलिस की SOG द्वारा हिरासत में लिया गया था।दून के कोचिंग सेंटरों में तैयारी कर रहे छात्र इस फैसले को अपनी महीनों की मेहनत की ‘हत्या’ और ‘मानसिक प्रताड़ना’ बता रहे हैं।
आर्थिक और मानसिक बोझ: छात्रों का कहना है कि एक बार फिर से परीक्षा की तैयारी करना और यात्रा करना मानसिक और आर्थिक रूप से थका देने वाला है।भविष्य पर अनिश्चितता: जो छात्र अच्छा स्कोर कर रहे थे, वे अब फिर से परीक्षा देने को लेकर असमंजस में हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि क्या दोबारा परीक्षा पारदर्शी तरीके से होगी।यूपी-उत्तराखंड के अन्य शहरों में छात्र परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। कुछ छात्रों ने इसे ‘सिस्टम की विफलता’ करार दिया है, जहाँ ईमानदारी से मेहनत करने वालों को बार-बार सजा भुगतनी पड़ रही है।
