
उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं को तलाशने, उन्हें प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराने और राज्य को खेलों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से खेल महाकुंभ-2026 मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी का आगाज हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय कैलाश चंद्र गहतोड़ी स्पोर्ट्स स्टेडियम टनकपुर में न्याय पंचायत स्तरीय खेल महाकुंभ का शुभारंभ किया।
लगभग दो माह तक चलने वाले इस आयोजन में प्रतियोगिताएं न्याय पंचायत, विधानसभा क्षेत्र, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तर पर आयोजित की जाएंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार न्याय पंचायत स्तर की प्रतियोगिताएं 1 से 10 सितंबर, विधानसभा स्तर की 11 से 20 सितंबर तथा संसदीय क्षेत्र स्तर की प्रतियोगिताएं 21 से 30 सितंबर तक होंगी। राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी की प्रतियोगिताएं सितंबर से अक्टूबर के बीच आयोजित की जाएंगी।
खेल महाकुंभ के प्रारंभिक चरण में अंडर-14 और अंडर-19 बालक एवं बालिका वर्ग के खिलाड़ियों को अवसर दिया जा रहा है। न्याय पंचायत स्तर पर कबड्डी, एथलेटिक्स, खो-खो और मुर्गा झपट जैसे खेलों को शामिल किया गया है। इसके बाद चयनित प्रतिभाओं को उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।विधानसभा स्तर पर वॉलीबाल और पिट्टू तथा संसदीय क्षेत्र स्तर पर मलखंभ, रस्साकसी, गोली-कंचा, फुटबॉल और बैडमिंटन जैसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इससे स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ने का मार्ग तैयार होगा।
बढ़ती भागीदारी, बढ़ती उम्मीदें
खेल महाकुंभ में खिलाड़ियों की भागीदारी लगातार बढ़ी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2023-24 में 12,383, 2024-25 में 34,570 और 2025-26 में 53,550 खिलाड़ियों ने भाग लिया था। यह वृद्धि इस आयोजन की लोकप्रियता और राज्य में खेलों के प्रति बढ़ती रुचि का संकेत है। पिछले वर्ष देहरादून ने 146 स्वर्ण, 92 रजत और 80 कांस्य सहित कुल 318 पदक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया था।
खेल महाकुंभ-2026 उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आया है। न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक की बहुस्तरीय व्यवस्था, महिला एवं दिव्यांग खिलाड़ियों की भागीदारी और पारंपरिक खेलों को स्थान दिए जाने से इसका दायरा व्यापक हुआ है।
