देहरादून में देर रात से भारी वर्षा और भूस्खलन ने जनजीवन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वर्षा का क्रम बना हुआ है और नदी नाले उफान पर हैं।। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद नदियों के रौद्र रूप और भूस्खलन ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है, जिससे कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। मालदेवता और आसपास के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
मालदेवता से सोंदना गांव में निर्माणाधीन सॉन्ग बांध साइट तक जाने वाली रोड अत्यधिक बारिश होने से कुंड गांव के पास सड़क बह गई है। क्षेत्र के हिंलासवाली , सौंदना, तौलियाकाटल, रगड़ गांव, घुड़सवालगांव, शेरा, पसनी, कुंड, हल्द्वाड़ी आदि ग्राम से संपर्क कट गया है।मालदेवता के करीब 10 किलोमीटर लंबे पहाड़ी मार्ग पर कई जगहों पर लगातार भूस्खलन हो रहा है और बड़े-बड़े पत्थर गिर रहे हैं, जिससे सुरक्षा गार्ड और रेलिंग भी टूट चुकी हैं।
मालदेवता-सहस्त्रधारा लिंक रोड खेरी गांव से गुजर रही बाल्डी नदी उफान पर है। यही वजह है कि मालदेवता-सहस्त्रधारा लिंक रोड का करीब 30 मीटर हिस्सा इस नदी के साथ बह गया। जिसकी वजह से यातायात पूरी तरह से ठप्प हो गया। हालात ऐसे है कि कई गांवों का संपर्क मार्ग भी कट गया है।
टोंस और सौंग नदियों के जलस्तर में अत्यधिक वृद्धि होने से पानी रिहायशी इलाकों के बेहद करीब पहुंच गया है। नदी किनारे बने घरों और जमीनों पर लगातार कटाव का खतरा मंडरा रहा है, जिससे लोग भारी दहशत में हैं।टोंस नदी पर बने पुल से जुड़ी एप्रोच रोड धंसने और गड्ढे होने की वजह से कई रास्तों पर प्रशासन ने एहतियातन यातायात रोक दिया है और बैरिकेडिंग लगा दी है। जैंतानवाला की ग्राम सभा दयानगर में भारी बरसात और टोंस नदी में आए पानी की वजह से सुनीता उपाध्याय का मकान गिरने की कगार पर है।
मौसम विभाग ने देहरादून सहित प्रदेश के 10 जिलों के लिए येलो/ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।आपदा प्रबंधन विभाग, और SDRF की टीमें अलर्ट मोड पर हैं। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और पर्यटकों को जलस्रोतों से दूर रहने तथा अनावश्यक यात्रा न करने की सख्त हिदायत दी है।
