उत्तराखंड में सरकारी मेडिकल कॉलेजों के पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों ने कम स्टाइपेंड के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। ‘एक्स’ पर ‘पीजा डॉक्टरों’ नाम से अकाउंट बनाकर इस प्लेटफॉर्म के जरिए सरकार से जुड़े मुद्दों पर पोस्ट किए जा रहे हैं। इस समूह के पीछे कौन-कौन लोग हैं और इसकी औपचारिक संरचना क्या है, इसे लेकर जानकारी सामने नहीं आई है।
डॉक्टरों का दावा है कि उत्तर भारत के अन्य 11 राज्यों की तुलना में उत्तराखंड में सबसे कम स्टाइपेंड दिया जा रहा है।उत्तराखंड रेजीडेंट डॉक्टर्स यूनाइटेड’ नाम से एक नया अकाउंट बनाया गया है, जिसके जरिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मंत्रियों, स्वास्थ्य सचिव, निदेशक और विधायकों को लगातार को टैग करते हुए अपनी मांगें और सवाल पोस्ट करने शुरू किए हैं। सोशल मीडिया के जरिए सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का यह तरीका प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
सरकार को ज्ञापन भेजने के बाद अब सोशल मीडिया पर दबाव बढ़ाया जा रहा है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांग का समाधान नहीं हुआ, तो वे हड़ताल का रास्ता अपना सकते हैं।उल्लेखनीय हैं कि प्रदेश के तीनो राजकीय मेडिकल कॉलेज में लगभग 600 सीनियर रेसिडेंट्स कार्यरत हैं
