
देहरादून की अदालत ने कर्मचारी चयन आयोग की ऑनलाइन परीक्षा में सर्वर बाईपास कर नकल कराने वाले मुख्य आरोपी अमित राणा की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। प्रभारी सत्र न्यायाधीश महेश चंद्र कौशिक की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को राहत देने से इनकार किया।
यह मामला प्रतियोगी परीक्षाओं में हाई-टेक तरीकों से धोखाधड़ी करने और देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने से जुड़ा हुआ है।इस मामले में मुख्य आरोपी अमित राणा है, जिसने परीक्षा सर्वर को बाईपास कर नकल गिरोह का संचालन किया था।अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह धोखाधड़ी कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित ऑनलाइन परीक्षा के दौरान 22 मई 2026 को की गई थी।कोर्ट ने माना कि आरोपी पर लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं, जिससे परीक्षा की शुचिता भंग हुई है। ऐसे मामलों में समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक असर को देखते हुए जमानत नहीं दी जा सकती।
