30 जुलाई से 11 अगस्त तक निर्धारित श्रावण मास कावड़ मेला की तैयारियों को लेकर आज मुख्य सचिव उत्तराखण्ड आनंद बर्धन की अध्यक्षता में हरिद्वार के मेला नियंत्रण भवन में अंतरराज्यीय समन्वय बैठक संपन्न हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के अधिकारी शामिल हुए।
इस उच्चस्तरीय बैठक में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, और ट्रैफिक डायवर्जन पर विस्तृत चर्चा की गई और यात्रा के सुचारू संचालन के लिए सभी राज्यों के बीच रियल-टाइम जानकारी साझा करने एवं नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और समयबद्ध तैयारियों के माध्यम से इस वर्ष कांवड़ मेले को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा, जिससे लाखों श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने हरिद्वार आने वाले कांवड़ियों से अपील की है कि वह पूरी श्रद्धा के साथ हरिद्वार आएं और व्यवस्थाओं में प्रशासन का सहयोग करें। सनातन धर्म की परम्पराओं के अनुसार हरिद्वार से शांतिपूर्वक एवं सुरक्षित गंगाजल भटकर अपने गंतव्यों को लौटें। मुख्य सचिव ने कहा कि कांवड़ मेला हमेशा चुनौती भरा होता है और हरिद्वार इसका केंद्र होने के कारण सबसे ज्यादा यहीं फोकस होता है. लिहाजा सभी राज्य आपसी सहयोग से इसे सकुशल संपन्न करेंगे।
डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस सुरक्षा, यातायात, ड्रोन-CCTV निगरानी, साइबर मॉनिटरिंग और अंतरराज्यीय समन्वय के साथ सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित कांवड़ यात्रा के लिए पूरी तरह तैयार हैं ।
गौरतलब है कि कांवड़ मेला उत्तर भारत का एक बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसमें पिछली बार चार करोड़ से अधिक कांवड़िए हरिद्वार आए थे. अनुमान है कि इस बात यह आंकड़ा बढ़ेगा और उसी को ध्यान में रखते हुए तैयारियां की जा रही हैं।
