चंडीगढ़ में हाल ही में देश में सक्रिय गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए हाईलेवल बैठक आयोजित हुईं ,जिसमे राष्ट्रीय जांच एजेंसी के महानिदेशक सहित पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रतिभाग किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य देश और विशेष रूप से उत्तरी भारत में सक्रिय गैंगस्टरों व उनके टेरर-नेटवर्क पर संयुक्त शिकंजा कसना था।
सूत्रों के अनुसार बैठक में गैंगस्टरों ,खास तौर पर लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और रोहित गोदारा जैसे बड़े गैंगस्टरों के सिंडिकेट के खिलाफ संयुक्त रणनीति बनाने, कॉमन डेटाबेस तैयार करने और आतंकवाद से जुड़े गैंगस्टर नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की योजना पर चर्चा हुई और कुछ महत्त्वपूर्ण प्रस्ताव पारित हुए ,जिनमे गैंगस्टरों का एक कॉमन डेटाबेस तैयार करने और सक्रिय गैंगस्टरों, उनके सहयोगियों, नेटवर्क और गतिविधियों की जानकारी साझा किये जाने आदि प्रमुख हैं।
बैठक में हाल ही में सामने आए अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का भी जिक्र हुआ. इसके अलावा गैंगस्टरों के अंतरराष्ट्रीय संपर्क, विदेशों में बैठे उनके सहयोगियों और सीमापार से मिलने वाली मदद को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया. सुरक्षा एजेंसियों का फोकस ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने पर है
हाल के दिनों में एफ़बीआई द्वारा भारतीय मूल के अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई चर्चा में है। अमेरिकी न्याय विभाग और एफबीआई ने “ऑपरेशन हार्ड बॉल ” के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप में संयुक्त अभियान चलाया। इसमें 50 से अधिक स्थानों पर छापेमारी हुई और लगभग 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई में लॉरेंस बिश्नोई गैंग समेत भारत से जुड़े तीन अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क के कुल 37 सदस्यों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किए गए हैं। इन पर हत्या, रंगदारी, मादक पदार्थों की तस्करी, हथियारों की तस्करी और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध चलाने के आरोप हैं।
