हर्षिल क्षेत्र में बहने वाली भागीरथी नदी मानसून के दौरान खतरे का कारण बन सकती है। पिछले वर्षों में भारी वर्षा, बादल फटने की घटनाओं और ऊपरी क्षेत्रों से अचानक बढ़े जलप्रवाह के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे तटवर्ती क्षेत्रों, सड़कों, पुलों और पर्यटन गतिविधियों पर प्रभाव पड़ा है।वर्तमान स्थिति के अनुसार हर्षिल–धराली क्षेत्र में भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ बताया जा रहा है और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है। हाल की रिपोर्टों के अनुसार नदी के कटाव से कुछ तट सुरक्षा कार्य प्रभावित हुए हैं तथा कुछ स्थानों पर किनारों के पास स्थित संरचनाओं के लिए जोखिम बढ़ा है।
इसके अतिरिक्त, धराली–हर्षिल क्षेत्र में पिछले वर्ष के मलबे के कारण नदी के प्रवाह में हुए बदलाव के पीछे एक जलभराव (water pool) बनने की सूचना भी सामने आई है। विशेषज्ञों और प्रशासन की चिंता यह है कि लगातार वर्षा होने पर जलस्तर और बढ़ सकता है तथा नदी किनारे बसे क्षेत्रों पर दबाव बढ़ सकता है।
हर्षिल और आसपास के क्षेत्र के लिए आज जारी मौसम पूर्वानुमान में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने प्रमुख नदियों और उनकी सहायक धाराओं के जलस्तर में वृद्धि की संभावना का भी उल्लेख किया है।
