कर्णप्रयाग में घटित घटना के बाद परस्पर विरोधी प्रतिक्रियाओ के फलस्वरूप संवेदनशीलता विद्यमान है ।राज्य सरकार द्वारा घटना को साम्प्रदायिक रूप दिए जाने के प्रयासों पर कठोर कार्यवाही की चेतावनी के बाद भी सोशल मीडिया पर बयानबाजी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। उत्तराखंड क्रांति दल नेता आशीष नेगी का सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो, जिसमे उन्होंने निहंग-सिख विवाद और कथित खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर की टिप्पणियां की हैं,को लेकर सिख संगठनों और खालसा समर्थक समूहों में नाराजगी परिलक्षित है।
पांवटा साहिब निवासी समाजसेवी परमजीत सिंह बंगा द्वारा थाना पोंटा साहिब में दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि यूकेडी नेता आशीष नेगी ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर सिख समुदाय के खिलाफ कथित रूप से घृणास्पद और भड़काऊ बयान दिए और इन बयानों से सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और समाज में वैमनस्य फैलने की आशंका पैदा हुई है। तहरीर के आधार पर पुलिस मामले में कानूनी राय लेने के बाद एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया में जुटी है।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने भी आशीष नेगी द्वारा सिख समुदाय को जून 1984 जैसी घटना दोहराने की कथित धमकी देने के मामले का संज्ञान लिया है और उत्तराखंड सरकार से ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि इस तरह के लोग देश की शांति, सामाजिक सौहार्द और भाईचारे के लिए गंभीर खतरा हैं।
