“सेवा, सुरक्षा और ईमानदारी” के अपने ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए चमोली पुलिस ने एक बार फिर देवभूमि आने वाले श्रद्धालुओं के बीच विश्वास की नई इबारत लिखी है। प्रतापगढ़ , राजस्थान से आए एक यात्री समूह के लिए बद्रीनाथ की यात्रा उस समय भावुक क्षण में बदल गई, जब पुलिस ने पूरी ईमानदारी के साथ महिला श्रद्धालु का खोया हुआ कीमती मंगलसूत्र उन्हें वापस सौंपा
मामला बीते कल का है, जब जयपुर (राजस्थान) से श्रद्धालुओं का एक दल भगवान बद्री विशाल के दर्शन हेतु धाम पहुँचा था। गर्भगृह में दर्शन के दौरान एक महिला श्रद्धालु का स्वास्थ्य अचानक अत्यधिक खराब हो गया। घबराहट और हाथ छिटकने के कारण महिला के गले से उनका सोने का मंगलसूत्र वहीं कहीं गिर गया। नाजुक स्थिति को देखते हुए परिजनों द्वारा उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे के लिए रेफर कर दिया गया।
देर रात्रि जब चमोली में महिला का उपचार चल रहा था और उनकी स्थिति सामान्य हुई, तब उन्हें अहसास हुआ कि उनके गले से कीमती मंगलसूत्र गायब है। मंगलसूत्र न केवल कीमती था, बल्कि उससे महिला की धार्मिक और पारिवारिक भावनाएं भी जुड़ी थीं। परिजनों ने बिना समय गंवाए गूगल के माध्यम से थानाध्यक्ष बद्रीनाथ का संपर्क नंबर निकाला और अपनी व्यथा पुलिस को सुनाई।
परिजनों की सूचना पर जब पड़ताल की गई, तो पता चला कि ड्यूटी के दौरान तैनात पुलिस कर्मियों को वह मंगलसूत्र पहले ही मिल चुका था, जिसे उन्होंने अमानत के तौर पर सुरक्षित रखा था। एसओ बद्रीनाथ नवनीत भंडारी ने परिजनों से मंगलसूत्र की पुरानी फोटो मंगवाकर पूरी तस्दीक की।
आज मंगलसूत्र के सत्यापन के बाद परिजनों को चमोली से बद्रीनाथ बुलाया गया और पूरे सम्मान के साथ उनका कीमती आभूषण उनके सुपुर्द किया गया। अपना खोया हुआ मंगलसूत्र वापस पाकर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने चमोली पुलिस की कार्यप्रणाली और विशेष रूप से उनकी ईमानदारी की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए सहृदय धन्यवाद व्यक्त किया।
