19 अप्रैल से उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का आगाज होने जा रहा है. उससे पहले चारधाम यात्रा मार्गों पर पड़ने वाले जिलों में तैयारियां तेज हो गई हैं. ऋषिकेश में देहरादून डीएम सविन बंसल और एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ अंतिम दौर की बैठक की. बैठक में डीएम ने चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप परिसर में श्रद्धालुओं के लिए जुटाई जाने वाली व्यवस्थाओं का अधिकारियों से फीडबैक लिया. वहीं, विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में भी तैयारियां अंतिम चरण में हैं.
केदारनाथ में जोरों पर तैयारियां: केदारनाथ यात्रा को सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं. जिनकी निरंतर मॉनिटरिंग जिलाधिकारी विशाल मिश्रा कर रहे हैं. गौरीकुंड से लेकर केदारनाथ मंदिर तक पूरे पैदल यात्रा मार्ग को रोशनी से सुसज्जित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. मार्ग पर 600 स्ट्रीट लाइटें स्थापित की गई हैं. जिससे श्रद्धालुओं को रात्रि के समय भी सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी.इसके अतिरिक्त, ट्रेक रूट पर 200 सोलर लाइटें भी लगाई गई हैं. महत्वपूर्ण स्थलों पर स्पष्ट साइनेज एवं डायवर्जन बोर्ड भी स्थापित किए गए हैं.
विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट वर्ष 2026 की यात्रा के लिए आगामी 22 अप्रैल को प्रातः आठ बजे विधिवत रूप से श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे. वैदिक मंत्रोच्चार, पारंपरिक पूजा-अर्चना एवं सनातन रीति-रिवाजों के साथ कपाटोद्घाटन की प्रक्रिया संपन्न होगी. भगवान केदारनाथ की चल-विग्रह डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से पारंपरिक विधि-विधान के साथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी.
18 अप्रैल को ओंकारेश्वर मंदिर में सांयकालीन आरती के पश्चात परंपरानुसार भैरवनाथ पूजा संपन्न होगी. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 19 अप्रैल को डोली ऊखीमठ से प्रस्थान कर फाटा पहुंचेगी. 20 अप्रैल को डोली फाटा से प्रस्थान कर गौरीकुंड स्थित गौरीमाई मंदिर पहुंचेगी. जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा. इसके बाद 21 अप्रैल को डोली गौरीकुंड से प्रस्थान कर केदारनाथ धाम पहुंचेगी. जहां मंदिर भंडार में स्थापित की जाएगी. धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम प्रारंभ हो जाएगा. 22 अप्रैल को प्रातः आठ बजे शुभ मुहूर्त में मंदिर के कपाट खोले जाएंगे.
चारधाम यात्रा को लेकर ऋषिकेश में डीएम सविन बंसल और एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बैठक की. जिसमें डीएम ने कहा श्रद्धालुओं की सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. परिसर में श्रद्धालुओं के विश्राम करने के लिए लगाए जा रहे जर्मन हैंगर, पेयजल, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं को यात्रा शुभारंभ से पहले पूरा कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए. सड़कों पर श्रद्धालुओं को पैदल चलने में परेशानी ना हो इसके लिए सड़कों के अलावा फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया है.
एसएसपी ने भी सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने बताया चार धाम यात्रा मार्ग पर 500 से अधिक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती होने वाली है. ऋषिकेश में पर्यटन पुलिस अपनी सेवा देगी. नोडल अधिकारी के रूप में एसपी ग्रामीण जया बलूनी जिम्मेदारी संभालेंगीं. पीएससी की तैनाती जल्द होगी. इसके अलावा रैपिड एक्शन फोर्स उपलब्ध कराने के लिए भी डिमांड मुख्यालय को भेजी गई है. ट्रैफिक का दबाव बढ़ने पर पहले से ही चल रहा प्लान ए बी और सी लागू होगा. पार्किंग की उचित व्यवस्था पिछले वर्ष की तरह की गई है. जिसमें आईडीपीएल और खांड गांव की पार्किंग शामिल है.
