देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के युवा संवाद कार्यक्रम के दौरान 12वीं की छात्रा व ताइक्वांडो खिलाड़ी शायरा द्वारा इंटरनेशनल टूर्नामेंट में न जा पाने की बात कहने पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस ने इसे रिश्वतखोरी का मामला बताया, जबकि बाद में खिलाड़ी और प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह राशि टूर्नामेंट के निजी खर्च का हिस्सा थी, न कि कोई रिश्वत।
घटना और शुरुआती विवाद
देहरादून में ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम के दौरान छात्रा शायरा भावुक हो गईं।उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने और रोमानिया में होने वाली प्रतियोगिता के लिए चुने जाने की बात कही।वायरल वीडियो क्लिप के आधार पर विपक्ष ने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में भाग लेने के लिए 1.5 लाख रुपये मांगे गए थे।
खिलाड़ी और प्रशासन का स्पष्टीकरण
शायरा ने बाद में वीडियो जारी कर कहा कि वह मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात ठीक से रख नहीं पाईं और घबरा गई थीं।यह मामला किसी सरकारी चयन या रिश्वत का नहीं था, बल्कि एक निजी संस्था (ताइक्वांडो काउंसिल ऑफ इंडिया / क्वान की डो) के माध्यम से तय यात्रा व अन्य खर्च का था।कुल खर्च का एक हिस्सा संस्था द्वारा वहन किया जा रहा था, जबकि शेष राशि खिलाड़ी को खुद जुटानी थी, और समय पर जानकारी न देने व पैसों के अभाव के कारण वह नहीं जा सकीं
