नक्सल खात्मे के आखिरी दिन बीजापुर में बड़ा सरेंडर हुआ है. पूना मारगेम अभियान के तहत 25 नक्सली कैडर ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है इनमें 12 महिलाएं भी शामिल हैं. इसके साथ ही नक्सल इतिहास का सबसे बड़ी रिकवरी हुई है. करीब 14 करोड़ रुपए का कुल सामान की बरामदगी की गई.
31 मार्च को सरेंडर हुए 25 नक्सली दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े हुए थे. इन सभी कैडरों पर कुल 1.47 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. ये नक्सल संगठन के CyPC, DVCM, ACM, PPCM, बटालियन/कंपनी सदस्य जैसे पदों पर थे.
नक्सलियों के सरेंडर के साथ ही बीजापुर से 31 मार्च को इतिहास की सबसे बड़ी रिकवरी भी हुई है. इसमें 2.90 करोड़ रुपए कैश और करीब 11.16 करोड़ रुपए का 7.20 किलो सोना बरामद हुआ है. दोनों की कुल कीमत रूपये 14.06 करोड़ रुपए है. इसके पहले हाल ही में 5.37 करोड़ रुपये की बरामदगी हुई थी जिसमें 1.64 करोड रु मूल्य का 1 किलो सोना और 3.73 करोड़ रूपए कैश थे.
93 घातक हथियार जब्त
सुरक्षा बलों ने सरेंडर नक्सलियों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं. इनमें AK-47 समेत कुल 93 हथियार शामिल है.
AK-47- 04
SLR- 09
INSAS LMG- 01
INSAS रायफल- 07
.303 रायफल- 12
BGL लॉन्चर- 23
1000 से ज्यादा माओवादी कर चुके हैं वापसी
बीजापुर जिले में 01 जनवरी 2024 से अब तक 1003 माओवादी कैडर पुनर्वास के जरिए मुख्यधारा में लौट चुके हैं, जो इस अभियान की बड़ी सफलता को दर्शाता है.