उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड यूनिवर्सिटी की रिटायर्ड कुलपति को साइबर ठगों ने निशाना बनाते हुए ठग लिया. साइबर ठगों ने रिटायर्ड कुलपति से गैस बुकिंग के नाम पर शिकार बनाते हुए उनसे 1 लाख 91 हजार रुपये ठग लिए, जिसके बाद पूर्व कुलपति अपनी शिकायत लेकर मल्लीताल कोतवाली पहुंची.
जानकारी के अनुसार, मल्लीताल गार्डन हाउस निवासी महिला ने 20 मार्च को अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से गैस बुक करने की कोशिश की, लेकिन भुगतान नहीं हो सका. इसके बाद उन्होंने पेटीएम के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, जहां उन्हें एक व्हाट्सएप नंबर दिया गया. बताए गए नंबर पर संपर्क करने के बाद ठगों ने उन्हें झांसे में लिया और फोन पर स्क्रीन शेयर कर कुछ प्रक्रिया पूरी करवाई.
इसके तुरंत बाद उनके खाते से पहली ट्रांजेक्शन में 84 हजार 539 रुपये और फिर दूसरी ट्रांजेक्शन में 9 हजार 999 रुपये मोहम्मद फरहान नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर कर लिए गए. अगले दिन यानी 21 मार्च को ठगों ने दोबारा संपर्क कर उन्हें फिर से झांसे में लिया और 96 हजार 949 रुपए अंजली नाम के एक अन्य खाते में ट्रांसफर करवा लिए. पीड़िता को ठगी का पता तब चला जब उनके मोबाइल पर लगातार खाते से पैसे कटने के संदेश आने लगे. उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पीड़िता का कहना है कि अब भी उन्हें अज्ञात नंबरों से कॉल आ रहे हैं.
कोतवाली प्रभारी हेम चंद्र पंत ने बताया कि, मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. साथ ही साइबर सेल को भी इसकी सूचना दे दी गई है. बता दें कि इससे पहले भी यूनिवर्सिटी की रिटायर्ड कुलपति साइबर ठगों के निशाने पर आई हैं. इससे पहले अगस्त 2025 में भी उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगों ने करीब 1.47 करोड़ रुपए की चपत लगाई थी.
