भारतीय शेयर बाज़ार से विदेशी निवेशकों द्वारा अपना निवेश लगातार निकालने की खबरों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।आकड़ो के अनुसार इस वर्ष अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी बाज़ार से ₹2.2 लाख करोड़ से अधिक का निवेश निकाल लिया हैं। रिपोर्टों के अनुसार मार्च और अप्रैल 2026 में सबसे अधिक बिकवाली देखने को मिली। वित्तीय सेवाएं, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर पर इसका ज्यादा असर पड़ा है ।
विशेषज्ञ इस “विदेशी पूंजी पलायन” के कई बड़े कारण बताते हैं:
*अमेरिका और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव
*कच्चे तेल की ऊँची कीमतें
*अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, जिससे अमेरिका में निवेश अधिक आकर्षक लग रहा है
*भारतीय शेयर बाज़ार का अपेक्षाकृत महंगा वैल्युएशन
*रुपये पर दबाव और डॉलर की मजबूती
*वैश्विक मंदी एवं ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता
हालांकि विशेषज्ञ यह भी मान रहे हैं कि घरेलू निवेशक अभी बाजार को सहारा दे रहे हैं।पावर, इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल गुड्स जैसे सेक्टरों में विदेशी निवेशकों की कुछ रुचि बनी हुई है।
