देहरादून में हाल ही में NCB (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) द्वारा “ऑपरेशन RAGEPILL” के तहत बड़ी कार्रवाई में कथित रूप से “ग्रीन हर्बल” नामक फैक्ट्री का नाम सामने आया है, जहां से अंतरराष्ट्रीय स्तर की सिंथेटिक ड्रग “कैप्टागॉन” के निर्माण और नेटवर्क का खुलासा हुआ।
मुख्य तथ्य:
* दिल्ली के नेब सराय क्षेत्र से लगभग 227.2 किलोग्राम कैप्टागॉन बरामद की गई।
* पूछताछ में गिरफ्तार सीरियाई नागरिक ने बताया कि यह ड्रग देहरादून स्थित “M/s Green Herbal” फैक्ट्री में तैयार की गई थी।
* इसके बाद NCB ने देहरादून में छापा मारकर कथित हाईटेक लैब का खुलासा किया।
* फैक्ट्री में टैबलेट निर्माण मशीनें, कैप्सूल फिलिंग यूनिट, पैकेजिंग सिस्टम और रसायन बरामद हुए।
* एजेंसियों के अनुसार, यह खेप अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए मध्य-पूर्व देशों में भेजी जानी थी।
* बरामद ड्रग की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग ₹182 करोड़ बताई गई है।
कैप्टागॉन क्या है?
कैप्टागॉन एक प्रतिबंधित सिंथेटिक उत्तेजक (stimulant) ड्रग है, जिसे कई रिपोर्टों में “जिहादी ड्रग” कहा जाता है। इसका संबंध पश्चिम एशिया में सक्रिय अवैध नेटवर्क और आतंक वित्तपोषण से भी जोड़ा जाता रहा है।
जांच की स्थिति
* फैक्ट्री मालिक को गिरफ्तार किए जाने की खबर है।
* एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट, फंडिंग और भारत में नेटवर्क की जांच कर रही हैं।
उल्लेखनीय है कि दिसंबर २०२४ में सहसपुर पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने ग्रीन हर्बल फैक्टरी में छापा मारा था।फूड लाइसेंस पर चल रही हर्बल उत्पाद बनाने वाली फैक्टरी फैक्टरी में प्रतिबंधित नशीली दवाओं और सिरप का जखीरा मिला। फैक्टरी मालिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था ।एन सी बी की कार्यवाही इस सिनिडिकेट पर फॉलो अप एक्शन का हिस्सा प्रतीत होती है ।
