डीजीपी दीपम सेठ ने ऑपरेशन प्रहार की हाईलेवल समीक्षा की. जिसमें प्रदेश भर में 1 हजार 400 सौ से अधिक अपराधी गिरफ्तार किए गए और 40 हजार से अधिक सत्यापन से संदिग्धों पर कड़ी निगरानी की जा रही है. 15 हजार वाहनों के चालान और 2 हजार वाहन सीज-कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई है. साथ ही आतंकी नेटवर्क, अवैध हथियार, बांग्लादेशी घुसपैठ, साइबर ठगी और नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की गई है.
डीजीपी ने गढ़वाल और कुमाऊं परिक्षेत्र के आईजी और सभी जनपदों, एसटीएफ और जीआरपी के वरिष्ठ/पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘ऑपरेशन प्रहार’ की विस्तृत समीक्षा की. अभियान के अंतर्गत 1 हजार 400 सौ से अधिक वांछित, फरार, इनामी और पेशेवर अपराधियों की गिरफ्तारी की गई है. संगठित अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत 40 आरोपियों को गिरफ्तार और गुंडा एक्ट के अंतर्गत 130 से अधिक व्यक्तियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई है. अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राज्य भर से 66 अवैध शस्त्र बरामद कर संबंधित के विरुद्ध आर्म्स एक्ट में अभियोग पंजीकृत करते हुए सप्लाई चेन पर कार्रवाई की जा रही है. उधम सिंह नगर पुलिस ने आरोपी हरेंद्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा को भारी मात्रा में अवैध असलाह और कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया गया. इनके तार आतंकी संगठन “अल बदर” से जुड़े प्रकरण से पाए गए.

वहीं, एसटीएफ ने पाकिस्तानी आतंकी संगठन “अल बरक ब्रिगेड” के संपर्क में रहे आरोपी विक्रांत कश्यप को देहरादून से अवैध पिस्टल और कारतूसों सहित गिरफ्तार किया. राज्य में अलग-अलग स्थानों पर फर्जी पहचान और दस्तावेजों के साथ अवैध रूप से निवासरत 3 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया. सार्वजनिक स्थलों पर कानून-व्यवस्था और आम जनता की सुरक्षा करने के उद्देश्य से असामाजिक तत्वों और शांति भंग करने वाले 4 हजार से अधिक व्यक्तियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई. रैश ड्राइविंग,ड्रंकन ड्राइविंग, फर्जी नंबर प्लेट और हूटर के दुरुपयोग और संदिग्ध वाहनों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाकर पर 15 हजार से अधिक वाहनों के चालान, 900 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार और 2 हजार से अधिक वाहन सीज की कार्रवाई अमल में लाई गई है.

अभियान के अंतर्गत 18000 से अधिक बार, पब, क्लब, स्पा, होटल और ढाबों इत्यादि की चेकिंग गई.नियमों के उल्लंघन करने वाले 1 हजार 200 सौ से अधिक व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई. किराए के मकान, मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट्स, फ्लैट, पीजी, होम-स्टे, होटल, धर्मशाला और आश्रमों आदि में बाहरी और संदिग्ध व्यक्तियों के सत्यापन के दौरान 40 हजार से अधिक व्यक्तियों का सत्यापन कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई. चारधाम यात्रा में यात्रियों को साइबर ठगी से सुरक्षित करने के क्रम में करीब 200 से अधिक फर्जी सोशल मीडिया लिंक को ब्लॉक और 50 से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबरों को बंद कराया गया. जिनके द्वारा यात्रा रजिस्ट्रेशन, हेली टिकट, होटल बुकिंग आदि के नाम पर यात्रियों से ठगी का प्रयास किया जा रहा था. इसके साथ ही संगठित रूप से धोखाधड़ी करने वाले गैर राज्य के 147 लिंक ऑपरेटरों और 27 फर्जी मोबाइल धारकों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.
डीजीपी दीपम सेठ ने बताया है कि उत्तराखंड पुलिस राज्य के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए सतर्क, सक्रिय और प्रतिबद्ध है.अपराधियों की धरपकड़, सघन चेकिंग, व्यापक सत्यापन अभियान और संगठित अपराध पर कठोर कार्रवाई आगे और अधिक तीव्रता, प्रभाव शीलता और दृढ़ता के साथ ऑपरेशन प्रहार के रूप में निरंतर जारी रहेगी.
