देहरादून में बुजुर्गों के साथ घरेलू उत्पीड़न के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। जिला प्रशासन और डीएम कार्यालय तक रोजाना ऐसे मामले पहुंच रहे हैं, जिनमें बेटे-बहू द्वारा माता-पिता को प्रताड़ित करने, घर से निकालने, इलाज न कराने और संपत्ति के लिए दबाव बनाने की शिकायतें आती हैं।
कई मामलों में बुजुर्गों को भोजन, दवा और देखभाल तक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कुछ प्रकरणों में तो संपत्ति अपने नाम कराने के बाद बेटा व बहू बुजुर्गों को अकेला छोड़ दे रहे हैं। बुजुर्ग माता-पिता भरण-पोषण अधिनियम के तहत कई मामलों में कार्रवाई भी की जा रही है, लेकिन सामाजिक संवेदनहीनता लगातार चिंता बढ़ा रही है।
ऐसा एक प्रकरण देहरादून मेडिकल कॉलेज में देखने को मिला जहाँ बेटा अपने बुजुर्ग पिता को अस्पताल में अकेला छोड़कर चला गया। शुकवार को अस्पताल में संवेदनहीनता की यह तस्वीर हर किसी को झकझोर गई।
