प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मशहूर मेलोडी (Melody) टॉफी गिफ्ट की, जिसके बाद यह टॉफी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गई और सोशल मीडिया पर यह टॉफी चर्चा में हैं ।
प्रधानमंत्री मेलोनी द्वारा शेयर किए गए वीडियो को करोड़ों बार देखा गया। इसके साथ ही 90 के दशक की लोकप्रिय टैगलाइन “मेलोडी खाओ खुद जान जाओ” भी वायरल हो गई हैं । यह टॉफी पार्ले प्रोडक्ट्स ने 1983 में लॉन्च की थी और इसकी आइकॉनिक टैगलाइन कॉपीराइटर सुलेखा बाजपेयी ने लिखी थी।
मेलोडी टॉफी का उत्तराखंड से सम्बन्ध सीधा संबंध इसके विनिर्माण का है。मेलोडी टॉफी बनाने वाली मशहूर कंपनी ‘पारले प्रोडक्ट्स’ द्वारा पारले बिस्किट्स प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्रियां सितारगंज (Plot No D-10, ESIP) और पंतनगर (सेक्टर 1, IIE) में संचालित हैं इन यूनिट्स में अन्य पारले उत्पादों के साथ-साथ मेलोडी जैसी लोकप्रिय चॉकलेट टॉफियों का उत्पादन होता है।
‘मेक इन इंडिया’ का मीठा स्वाद – इसने यह साबित कर दिया है कि ब्रांडिंग के लिए करोड़ों के विज्ञापनों की जरूरत नहीं हैं , कभी-कभी एक सही समय पर दिया गया ‘देसी गिफ्ट’ दुनिया के सबसे बड़े मंच पर देश की साख बढ़ा देता है।.
इस मेलोडी डिप्लोमेसी ने सिर्फ दो देशों के रिश्ते ही मीठे नहीं किए, बल्कि भारत के कन्फेक्शनरी और FMCG सेक्टर को ग्लोबल हेडलाइंस में ला खड़ा किया है। भारत का कन्फेक्शनरी बाजार आज दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है।
