जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में हाथियों की गणना हेतु आधुनिक तकनीक की मदद से ली जा रही है। वन विभाग द्वारा “एम-स्ट्राइप (M-STRiPES)” ऐप के माध्यम से हाथियों की गतिविधियों, झुंडों की संख्या और उनके मूवमेंट का डिजिटल डेटा एकत्र किया जा रहा है।
यह प्रणाली पारंपरिक गणना पद्धति की तुलना में अधिक सटीक और तेज मानी जा रही है। वनकर्मी जंगल क्षेत्रों में गश्त के दौरान मोबाइल ऐप पर हाथियों के दिखने, उनके पदचिह्न, मल, आवाजाही के मार्ग और लोकेशन को रियल टाइम में दर्ज कर रहे हैं।
इस तकनीक से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर—
*हाथियों की वास्तविक संख्या का बेहतर आकलन हो सकेगा।
*उनके माइग्रेशन कॉरिडोर और मूवमेंट पैटर्न की निगरानी आसान होगी।
*मानव-वन्यजीव संघर्ष वाले क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
*अवैध शिकार और जंगल में अतिक्रमण पर भी निगरानी मजबूत होगी।
एम-स्ट्राइप प्रणाली पहले से ही बाघों की मॉनिटरिंग में उपयोग की जाती रही है, लेकिन अब हाथियों की गणना में इसका प्रयोग वन्यजीव संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल सर्विलांस और जीपीएस आधारित डेटा भविष्य में संरक्षण रणनीतियों को और प्रभावी बना सकता है।
