पाकिस्तानी गैंगस्टर से नेटवर्क के आरोप में उत्तर प्रदेश एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने सहारनपुर जिले से चार लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने एक उत्तराखंड के हरिद्वार जिले का रहने वाला है. आरोप है कि पकड़े गए चारों लोग बीते 6 महीने से पाकिस्तानी गैंगस्टर से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थे, जिनका दायर अब यूपी के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड तक बढ़ता जा रहा था.
फिलहाल जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार यूपी एसटीएफ के हाथ सबसे पहले सहारनपुर के सरसावा थाना क्षेत्र के ढिक्का कलां गांव निवासी महकाब और शाहरुख आए. दोनों आरोपी महकाब और शाहरुख आर्थिक रूप से काफी कमजोर हैं और मजदूरी करते हैं. दोनों अक्सर काम के सिलसिले में दूसरे राज्यों में जाते रहते थे. महकाब हरियाणा और पंजाब में वेल्डिंग का काम करता था. लगातार बाहर रहने के कारण उसे कई शहरों और रास्तों की अच्छी जानकारी हो गई थी. वहीं, शाहरुख उत्तराखंड के कई शहरों और गांवों में वेल्डिंग का काम करता था.

बताया जा रहा है कि वह मसूरी के पास वेल्डिंग का काम करता था. इन तीनों के अलावा एक और आरोपी को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है. चौथे आरोपी की नाम गगनदीप उर्फ गुरी है, जो मुजफ्फरनगर के शाहपुर रामराज क्षेत्र का रहने वाला है. गगनदीप पेशे से ट्रक ड्राइवर है. ट्रक चलाने के कारण उसका कई राज्यों में लगातार आना-जाना रहता था. जांच एजेंसियों को शक है कि इसी नेटवर्क और आवाजाही का इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था.
यूपी पुलिस के अनुसार, पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट ने सोशल मीडिया के जरिए इन युवकों को प्रभावित किया और फिर उनसे अलग-अलग राज्यों में गतिविधियां संचालित कराई जाने लगीं. फिलहाल, पुलिस और खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इनका नेटवर्क कितना बड़ा है. किन-किन लोगों से इनके संपर्क थे.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कई स्तरों पर जांच की जा रही है. चारों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि उनके संपर्कों, फंडिंग और गतिविधियों से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाया जा सके. सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि यह नेटवर्क केवल 4 लोगों तक सीमित नहीं हो सकता. ऐसे में आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है.
आरोपी महकाब के चाचा फुरकान ने बताया कि ATS ने हरियाणा में गिरफ्तारी की थी. दो दिन पूछताछ के बाद देवबंद लाकर उनके सुपुर्द कर दिया था. साथ में यह भी कहा कि इसका कोई कसूर नहीं है. जांच में इसकी जरूरत पड़ी तो फोन करने पर लेकर आना पड़ेगा. ATS का फोन आया तो महकाब के पिता उसको वहां खुद छोड़कर आए हैं, ताकि जांच में सहयोग किया जा सके.
